Price List › MRP नियम
हर दुकानदार के लिए MRP के नियम
MRP (मैक्सिमम रिटेल प्राइस) पैक्ड माल पर मैन्युफ़ैक्चरर, पैकर या इम्पोर्टर छापता है। दुकान के लिए यह एक पक्की सीमा है: कम में बेच सकते हैं, ज़्यादा में कभी नहीं।
MRP क्या है
Legal Metrology (Packaged Commodities) Rules, 2011 इसे retail sale price कहते हैं: वह अधिकतम कीमत जिस पर पैक्ड आइटम आख़िरी खरीदार को बेचा जा सकता है (Rule 2(r))। यह "MRP ₹… (inclusive of all taxes)" के रूप में छपता है, यानी GST इसके अंदर ही है।
MRP से ज़्यादा कभी नहीं
Rule 18(2) कहता है कि कोई भी रिटेल डीलर या दूसरा व्यक्ति, जिसमें मैन्युफ़ैक्चरर, पैकर, इम्पोर्टर और होलसेल डीलर भी शामिल हैं, पैक्ड आइटम उसके retail sale price से ज़्यादा में नहीं बेच सकता। इसमें आम चालाकियाँ भी आती हैं:
- ठंडी ड्रिंक पर कूलिंग चार्ज लेकर MRP से ज़्यादा लेना।
- MRP के ऊपर GST जोड़ना। MRP में सारे टैक्स पहले से शामिल हैं।
- आइटम की कीमत में डिलीवरी या पैकिंग चार्ज जोड़कर उसे MRP से महँगा करना।
खरीदार राज्य के Legal Metrology विभाग या नेशनल कंज़्यूमर हेल्पलाइन (1915) पर शिकायत कर सकता है। हमारा प्राइस लिस्ट मेकर चेतावनी देता है जब आपका टाइप किया रिटेल या होलसेल रेट MRP से ज़्यादा हो।
MRP से कम ठीक है
MRP ऊपरी सीमा है, तय कीमत नहीं। आप डिस्काउंट देकर इससे कम में बेच सकते हैं, और बहुत सी दुकानें ऐसा करती हैं। आपका GST उस कीमत पर निकलता है जो आप सच में लेते हैं, MRP पर नहीं।
खुला माल और आपके अपने प्रोडक्ट
- खुला माल जो खरीदार के सामने तौला या गिना जाता है (अनाज, सब्ज़ी, काउंटर की मिठाई) उस पर MRP नहीं होता; आपकी प्राइस लिस्ट से ही खरीदार कीमत देखता है।
- अगर आप खुद माल पैक करके बेचते हैं, तो पैकर के रूप में पैक्ड माल के नियम आप पर लागू होते हैं: लेबल पर MRP समेत ज़रूरी जानकारी चाहिए। शुरू करने से पहले अपने राज्य के Legal Metrology ऑफ़िस से पूछें।
- यूनिट सेल प्राइस: 1 अक्टूबर 2022 से पैकेट पर यूनिट सेल प्राइस भी होता है (जैसे प्रति kg कीमत), ताकि खरीदार अलग-अलग साइज़ की तुलना कर सकें (Legal Metrology (Packaged Commodities) Amendment Rules, 2022)।